Monday, February 19, 2007

कर्मवीर


सोने दो उन्हें ,
जिन्हें सोने की आदत है;
कर्मवीर हैं,
ज़रा सा इस गुण का दंभ-
सो,
सो रहे हैं;
इंसान-
आदमी जो बन रहा है ।

1 comments:

रीतेश गुप्ता February 20, 2007 at 1:40 PM  

बहुत सुंदर भाई ...बधाई

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